सादुलपुर, (ओमप्रकाश)। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए राइट टू हेल्थ के काले कानून के विरोध में कस्बे के सैकड़ों चिकित्सा कर्मियों ने सोमवार को जयपुर में हुई महारैली में भाग लिया। सोनी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. रामअवतार सोनी के नेतृत्व में सादुलपुर प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के समस्त चिकित्सक, प्रबंधक गण सभी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल स्टाफ सहित आशा देवी कॉलेज के नर्सिंग स्टूडेंट, सोनोग्राफी व अल्ट्रासाउंड सेंटरों के प्रबंधक गणों ने भी महारैली में भाग लिया। जयपुर में हुई इस रैली में शहर के चिकित्सकों के अलावा नर्सिंग कर्मियों सहित डेढ़ सौ से दो सौ चिकित्सा कर्मियों ने भाग लेकर काले कानून के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में सरकार विरोधी नारे लगाए तथा उक्त काले कानून को वापस लेने की माँग की। साथ ही सभी केमिस्ट एसोसिएशन के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों पर काली पट्टी बाँधकर सरकार के इस कानून का विरोध जताया तथा साथ ही माँग की कि अगर इस काले कानून को वापस नहीं लिया गया तो पूरे राजस्थान में सभी मेडिकल स्टोर्स को बंद करने जैसा कड़ा निर्णय भी लिया जाएगा। जयपुर गए नेतृत्वकर्ता डॉ. रामावतार सोनी ने बताया कि महारैली के बावजूद भी गूंगी बहरी गहलोत सरकार के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगी है तथा डॉक्टरों को अभी तक वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया हैं। जिसको लेकर डॉक्टर समुदाय में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार शीघ्र ही वार्ता कर इस काले कानून को वापस नहीं लेती है तो राजस्थान प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के इस आंदोलन को पूरे राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है, जिसका दुष्परिणाम गहलोत सरकार को भुगतना होगा।
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